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Wednesday, February 9, 2011

अश्वघोष कनिष्क के दरबार को सुशोभित करते थे ......

कनिष्क कुषाण वंश का तीसरा शासक था । पहला शासक कुजुल कैद्फिसस था ।
कुजुल कैद्फिसस ने काबुल तथा कश्मीर में अपनी सत्ता स्थापित की और सिक्कों पर महाराजाधिराज की उपाधि खुदवाया ।
कुजुल कैद्फिसस के बाद उसका पुत्र विम कैफिसस गद्दी पर बैठा ।
वह शैव धर्म से प्रभावित था । उसके सिक्कों पर नंदी और त्रिशूल की आकृति मिलती है ।
कनिष्क का राज्यारोहण ७८ इस्वी में माना जाता है ।
कनिष्क की राजधानी पुरुषपुर में थी ।
अश्वघोष कनिष्क के दरबार को सुशोभित करते थे ।

Wednesday, April 15, 2009

अश्वघोष और कनिष्क में क्या रिश्ता था ?

कनिष्क कुषाण वंश का तीसरा शासक था । पहला शासक कुजुल कैद्फिसस था ।
कुजुल कैद्फिसस ने काबुल तथा कश्मीर में अपनी सत्ता स्थापित की और सिक्कों पर महाराजाधिराज की उपाधि खुदवाया ।
कुजुल कैद्फिसस के बाद उसका पुत्र विम कैफिसस गद्दी पर बैठा ।
वह शैव धर्म से प्रभावित था । उसके सिक्कों पर नंदी और त्रिशूल की आकृति मिलती है ।
कनिष्क का राज्यारोहण ७८ इस्वी में माना जाता है ।
कनिष्क की राजधानी पुरुषपुर में थी ।
अश्वघोष कनिष्क के दरबार को सुशोभित करते थे ।